भारत में तेजी से बढ़ती केमिकल खेती के कारण मिट्टी की उर्वरता और किसानों की आय पर असर पड़ा है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) शुरू की है। यह योजना किसानों को Organic Farming (जैविक खेती) अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है और आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है।
इस लेख में हम जानेंगे PKVY योजना क्या है, इसके लाभ, पात्रता, सब्सिडी और आवेदन प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी।
Table of Contents
Paramparagat Krishi Vikas Yojana क्या है?
Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना की शुरुआत 2015 में की गई थी और यह National Mission on Sustainable Agriculture (NMSA) के अंतर्गत चलती है।
सरल शब्दों में:
यह योजना किसानों को समूह बनाकर जैविक खेती करने और उसे बाजार तक पहुंचाने में मदद करती है।
इस योजना के तहत किसानों को ट्रेनिंग, सर्टिफिकेशन और मार्केटिंग में सहायता मिलती है।
PKVY योजना का मुख्य उद्देश्य
- जैविक खेती को बढ़ावा देना
- केमिकल फ्री खेती को प्रोत्साहन
- किसानों की आय बढ़ाना
- मिट्टी की गुणवत्ता सुधारना
- Organic उत्पादों की मार्केटिंग आसान बनाना
सरकार चाहती है कि किसान प्राकृतिक खेती अपनाएं और बेहतर मुनाफा कमाएं।
PKVY योजना के तहत मिलने वाले लाभ
1. आर्थिक सहायता (Subsidy)
इस योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर आर्थिक सहायता दी जाती है।
| सहायता | राशि |
|---|---|
| कुल सहायता | लगभग ₹50,000 प्रति हेक्टेयर (3 साल में) |
| Organic input | ₹31,000 |
| Training व Certification | शेष राशि |
2. फ्री ट्रेनिंग
किसानों को जैविक खेती की ट्रेनिंग दी जाती है:
- वर्मी कम्पोस्ट बनाना
- जैविक कीटनाशक
- फसल प्रबंधन
- मार्केटिंग
3. Organic Certification
सरकार किसानों को ऑर्गेनिक सर्टिफिकेट दिलाने में मदद करती है, जिससे फसल की कीमत बढ़ जाती है।
4. मार्केटिंग सपोर्ट
किसानों को अपने ऑर्गेनिक प्रोडक्ट बेचने के लिए मार्केट उपलब्ध कराया जाता है।
PKVY योजना में कौन आवेदन कर सकता है?
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- किसान भारत का निवासी हो
- समूह में खेती करना जरूरी (Cluster farming)
- कम से कम 20 किसान का समूह
- 20–50 एकड़ क्षेत्र में जैविक खेती
यह योजना व्यक्तिगत किसान की बजाय समूह आधारित है।
PKVY योजना कैसे काम करती है?
सरकार इस योजना को Cluster based approach में चलाती है।
Cluster Farming क्या है?
जब 20 या उससे अधिक किसान मिलकर एक ही क्षेत्र में जैविक खेती करते हैं, तो उसे Cluster Farming कहते हैं।
इससे:
- लागत कम होती है
- मार्केटिंग आसान होती है
- Certification जल्दी मिलता है
PKVY योजना में मिलने वाली सुविधाएं
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| ट्रेनिंग | जैविक खेती की पूरी ट्रेनिंग |
| सब्सिडी | 3 साल तक आर्थिक सहायता |
| सर्टिफिकेशन | Organic certificate |
| मार्केटिंग | ऑर्गेनिक बाजार से जोड़ना |
| ब्रांडिंग | प्रोडक्ट ब्रांड बनाने में मदद |
PKVY योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
अगर आप किसान हैं और इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप फॉलो करें:
Step 1: कृषि विभाग से संपर्क करें
अपने जिले के कृषि विभाग या ब्लॉक ऑफिस जाएं।
Step 2: किसान समूह बनाएं
कम से कम 20 किसानों का समूह बनाना जरूरी है।
Step 3: आवेदन फॉर्म भरें
ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन करें।
Step 4: ट्रेनिंग और निरीक्षण
सरकारी अधिकारी खेत का निरीक्षण करेंगे और ट्रेनिंग देंगे।
Step 5: सब्सिडी प्राप्त करें
स्वीकृति के बाद सब्सिडी और सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी।
PKVY योजना से किसानों को कैसे फायदा होगा?
- खेती की लागत कम होगी
- ऑर्गेनिक फसल की कीमत ज्यादा मिलेगी
- मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी
- हेल्दी फूड का उत्पादन
- एक्सपोर्ट का मौका
जो किसान ब्रांड बनाकर ऑर्गेनिक प्रोडक्ट बेचते हैं, उन्हें ज्यादा लाभ मिलता है।
PKVY योजना में चुनौतियां
- समूह बनाना जरूरी
- शुरुआती उत्पादन कम हो सकता है
- मार्केट ढूंढने में समय लगता है
- जानकारी की कमी
लेकिन सही मार्गदर्शन से किसान इन चुनौतियों को आसानी से पार कर सकते हैं।
भारत में जैविक खेती का भविष्य
आज भारत में Organic Food की मांग तेजी से बढ़ रही है। आने वाले समय में:
- Organic farming profitable बनेगी
- Export बढ़ेगा
- किसान की income बढ़ेगी
- Organic brand बनेंगे
सरकार भी लगातार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है।
निष्कर्ष
Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) किसानों के लिए एक शानदार योजना है जो जैविक खेती को बढ़ावा देती है और आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है। अगर किसान इस योजना का सही उपयोग करें तो वे कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं।
जैविक खेती अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं और स्वस्थ भारत बनाने में योगदान दे सकते हैं।
FAQs
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Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) क्या है?
यह भारत सरकार की योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को जैविक खेती (Organic Farming) अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
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PKVY योजना की शुरुआत कब हुई थी?
Paramparagat Krishi Vikas Yojana की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी, ताकि देश में केमिकल फ्री खेती को बढ़ावा दिया जा सके।
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PKVY योजना में किसानों को कितनी सब्सिडी मिलती है?
इस योजना के तहत किसानों को लगभग ₹50,000 प्रति हेक्टेयर तक सहायता 3 साल में दी जाती है, जिसमें जैविक इनपुट, ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन शामिल है।
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क्या व्यक्तिगत किसान PKVY योजना का लाभ ले सकता है?
नहीं, इस योजना का लाभ समूह (Cluster) में किसानों को दिया जाता है। कम से कम 20 किसानों का समूह बनाना जरूरी होता है।
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PKVY योजना में कौन आवेदन कर सकता है?
भारत का कोई भी किसान जो जैविक खेती करना चाहता है और समूह में शामिल है, इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है।
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PKVY योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग, ब्लॉक कार्यालय या कृषि अधिकारी से संपर्क करके इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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क्या इस योजना में ट्रेनिंग भी दी जाती है?
हां, किसानों को जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, प्राकृतिक कीटनाशक और मार्केटिंग की फ्री ट्रेनिंग दी जाती है।
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PKVY योजना से किसानों को क्या फायदा होगा?
इस योजना से खेती की लागत कम होती है, ऑर्गेनिक फसल की कीमत ज्यादा मिलती है और किसानों की आय बढ़ती है।
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क्या ऑर्गेनिक सर्टिफिकेट भी मिलता है?
हां, सरकार इस योजना के तहत किसानों को ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन दिलाने में मदद करती है, जिससे प्रोडक्ट की मार्केट वैल्यू बढ़ती है।
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PKVY योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारना और किसानों की आय बढ़ाना है।

